Best 15] सतना में घूमने की जगह | Satna tourist place in hindi

दोस्तों आज के इस लेख में हम जानेंगे मध्य प्रदेश के सतना जिला के कुछ रोचक विशेषताओं के साथ ही सतना में घूमने की जगह के बारे में।

सतना अपने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धार्मिक और खूबसूरत पर्यटन स्थल के लिए जाना जाता है इस शहर का नाम यहां बहने वाली सतना नदी से लिया गया है वैसे तो यहां की पवित्र नदी टोंस कुदरती रूप से इसे संभालने का काम करती है।

इतना ही नहीं इस क्षेत्र का महत्व महाभारत काल से ही रहा है इसके आसपास जैन बौद्ध और हिंदू धार्मिक स्थल इस क्षेत्र के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व का वर्णन करते हैं यह शहर पूर्ण रूप से बघेलखंड के अंदर आता है

शहर सतना अत्यंत रमणीय , शांत वातावरण मन को प्रफुल्लित करने वाला शहर है जहां प्रेम व्यवहार आपसी भाईचारा से सर्वप्रथम आता है।

दोस्तों सतना मध्य प्रदेश का सातवा सबसे बड़ा यह अपने सीमेंट फैक्ट्री और सीमेंट उत्पादन के लिए पूरे भारत में फेमस है।

सतना जिला मध्य प्रदेश के रीवा जिले के 1 संभाग का एक हिस्सा है इसका प्रशासनिक मुख्यालय सतना शहर में ही स्थित है

चलिए जानते हैं आखिर वह कौन सी घूमने की जगह है जिसके कारण भारत के कोने-कोने से पर्यटक सतना भ्रमण करने के लिए आते हैं

सतना में घूमने की जगह

सतना की यात्रा आपको भारत के प्राचीन इतिहास से जुडी कई संरचनाओं और धार्मिक स्थल और पुरातात्विक की तरफ ले जाती है –

तो चलिए अब हम जानते है आखिर सतना में घूमने की जगह कौन कौन है –

1. मैहर धाम – माँ शारदा देवी मंदिर

लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र मां शारदा देवी मंदिर यहां के सर्वश्रेष्ठ धार्मिक स्थलों में से एक है जो विंध्याचल पर्वत के त्रिकूट पर्वत की तलहटी में स्थित है.

मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं के पास दो ऑप्शन है पहला 1059 सीढ़ी खड़ी चढ़ाई पैदल चढ़कर कर और दूसरा रोपवे के द्वारा।

अगर आप पैदल चलने में सक्षम है तो सीढ़ियों के माध्यम से आप मंदिर तक पहुंच सकते हैं लेकिन अगर आप इतनी ऊंचाई चढ़ने में असमर्थ है आपके पास रूप में सबसे अच्छा विकल्प है।

लेकिन मैं आपको सजेस्ट करूंगा जब आप सपना के शारदा देवी मंदिर में दर्शन के लिए जाएं तो आप वहां के रुपए का आनंद जरूर उठाएं क्योंकि रोपवेसे आपको पहाड़ियों और घाटियों का खूबसूरत परिदृश्य मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है।

मैहर कब जाना चाहिए :- वैसे तो यहां हमेशा श्रद्धालुओं का आवागमन लगा रहता है लेकिन साल में होने वाली दोनों नवरात्रि के समय और किसी भी त्योहार ओं के समय यहां दर्शनार्थियों की संख्या लाखों में पहुंच जाती है। गर्मियों के 2 महीने छोड़कर अब यहां कभी भी जा सकते हैं क्योंकि इस मौसम में ज्यादा गर्मी की वजह से चढ़ाई चढ़ने में थोड़ा तकलीफ का सामना करना पड़ता है।

मां शारदा देवी मंदिर मैहर की पूरी जानकारी के लिए इसे पढ़े

2. चित्रकूट धाम

भगवान राम के वनवास काल का हिस्सा रहा चित्रकूट की पावन धरती में थोड़ी थोड़ी दूर पर उस समय के अभिशेष देखने के लिए जाएंगे यहां कई ऐसे धार्मिक स्थल मौजूद है जो उस समय के साक्षी रहे।

पौराणिक कथाओं में अनुसार भगवान् राम अपने 14 साल के वनवास काल का 11 वर्ष का समय यहीं पर बिताए थे उसके बाद का पंचवटी नासिक में बिताए थे और वहीं से सीता हरण हुआ था।

मंदाकनी नदी के किनारे स्थित चित्रकूट जहा भारत के कोने -कोने से श्रद्धालु श्रद्धा भक्ति भाव से  साल भर भक्तों का आवागमन लगा रहता है।

चित्रकूट में घूमने तथा श्रद्धालुओं को दर्शन करने हेतु कई ऐसे जगह देखने के लिए मिल जाएंगे जो त्रेता युग के इतिहास के गवाह.

चित्रकूट के दर्शनीय स्थल

  • गुप्त गोदावरी
  • राम घाट
  • राम भरत मिलन मंदिर
  • लक्षमण मंदिर
  • सीता रसोई
  • हनुमान धारा
  • सती अनुसुइया आश्रम
  • स्टफिक सिला ( सीता माँ के पैरो निशान  )
  • अत्रि आश्रम

चित्रकूट में ठहरने के लिए कई धर्मशालाए है जहा आप निशुल्क रुक सकते है इसके अलाबा यहाँ पर कई होटल मौजूद है जहा काफी कम बजट में अपने रुकने की व्यवस्था बना सकते हैं.

3. पन्नीखोह जलप्रपात -Pannikhoh waterfall satna

pannikhoh waterfall satna

प्रकृति प्रेमियों के लिए बहुत ही शानदार होने बाला है पन्नीखोह जलप्रपात त्रिकूट पर्वत में मौजूद मैहर मंदिर के समीप एक प्राकृतिक झरना है जो पहाड़ के ऊपर से गिरती हुयी झिलमिल जलधारा पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है ।

जंगली गलियारों से पहुंचकर थके हुए पर्यटक को जब पंनीखोह वॉटरफॉल से हवा में उड़ती हुयी छोटी-छोटी बूंदे पर्यटकों को छूती है तो उन्हें एक बार फिर से तरोताजा कर देती है ।

यकीनन जब आप इस बेहतरीन जलप्रपात को देखने जायेंगे तो प्रकृति के वादियों के सौंदर्य दृश्य को अपने कैमरे में कैद करने से अपने आप को रोक नहीं पाएंगे।

4. गृद्धकूटा पर्वत – Gridhkoota Parvat

सतना टूरिस्ट स्पॉट में एकता और शानदार सतना में घूमने वाली जगह जो शहर से65 किलोमीटर की दूरी  पर स्थित है ।

हरे भरे पहाड़ों की घाटियां प्राकृतिक सुंदरता से भरपूरतिक नैसर्गिग वातावरण मैंपहुंचकर आप पर्वत में मौजूद  4 गुफाये देख सकते है जिनमे रॉक पेंटिंग तथा मुराल पेंटिंग देखे जा सकते है ।

यहां हर साल जनवरी के महीने में बसंत पंचमी के दिन विशाल मेला लगता है जिसमें लाखों सैलानी शामिल होते हैं।

5. धारकुंडी आश्रम

सतपुड़ा पठार के विंध्यांचल पर्वत में स्थित धारकुंडी आश्रम में प्राकृतिक और आध्यात्मिक का अनुपम मिलन देखने को मिलता है माना जाता है की महाभारत में युधिष्ठिर और दक्ष का सम्बाद यही पर मौजूद कुंड में किया गया था।

यह क्षेत्र सतना जिले का प्रमुख पर्यटन स्थल है हरे-भरे घाटियों वादियों से भरपूर धारकुंडी सतना जिले का प्रमुख पर्यटन स्थल है।

इसके जाने का रास्ता थोड़ा कठिन है लेकिन यहां पहुंचते ही प्रकृति का अद्भुत मनोरम दृश्य देखकर पर्यटकों की सारी थकान दूर हो जाती है ।

अगर आप सतना में शांति भरा पल बिताने के लिए सतना में घूमने लायक जगह की तलाश में तो धारकुंडी आश्रम आपके लिए सबसे उपयुक्त पर्यटन स्थल साबित होगा।

6. रामवन सतना

ramvan satna

रामवन नाम सुनते ही ऐसा लगता है मानो भगवान् राम की आराधना स्थली भूमि है परन्तु ऐसा नहीं है कहा जाता है त्रेता युग में भगवन श्री राम अपनी पत्नी सीता और अनुज लक्षण समेत यहाँ के वनो से होकर गुजरे थे जिस कारण इस जगह को रामवन के नाम से जाना जाता है ।

रामवन मंदिर के प्रवेश द्वार पर सरयू पार करने बाले मनोरम झांकियों से निर्मित एक विशालकाय द्वार का नर्माण किया गया है।

अंदर जाने पार वट वृक्ष के नीचे भगवन श्री कृष्ण की गोवर्धन पर्वत बाली लीला के दृश्य को सजीव मूर्ती के रूप में बनाया गया है ।

मंदिर परिसर में चारो तरफ छोटे -छोटे मूर्तियों माध्यम से श्री राम जी के जीवन गाथा को वर्णित किया गया है।

आगे आने पर मिलता है सतना का तुलसी संग्रहालय यह पुरातात्विक संग्राहलय है जो सतना पर्यटन स्थल के लिए बहुत महत्वपूर्ण है प्राचीन काल की उत्तम कलाकृतियों को इस म्यूजियम में संजोया गया।

सतना रामवन में घूमने लायक जगह-

  • तुलसी संग्रहालय
  • बजंगबलि विशालकाय मूर्ती
  • शिवालय – जहा भगवान् शंकर पारवती गणेश और कार्तिकेय की विशाल मूर्ती देखने को मिलती है .
  • कृष्णायन – कृष्णा भजन स्थल
  • चिल्ड्रन पार्क

यदि आप सतना शहर में है और शहर के पास में पर्यटन के लिए जाना चाहते है तो शहर से 14 किलोमीटर दूर रामपुर नामक गांव में आधात्मिक पर्यटन स्थल रामवन में अवश्य घूमने जाईये ।

मां वैष्णो देवी यात्रा की विस्तृत जानकारी के लिए से पढ़ें

7. नागौद किला

इस किले में परिहार शाशको का शाशन था और ये सतना शहर से लगभग 29 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है यदि आप ऐतिहासिक स्थानों में रूचि रखते है तो नागौद किला को देखने जा सकते है ।

जहा आप राजबंश के ऐतिहासिक महल के साथ-साथ उनके रहन सहन के वातावरण को अनुभव कर पाएंगे और किले के अंदर प्राचीन अवशेष देखने को मिल जाए ।

8. पारस मनिया पर्वत और झरना

parasmaniya satna

यहाँ की प्राकृतिक वातावरण की खूबसूरती आपका मन मोह लेगी हरे भरे वन और घाटी का मनोरम दृश्य बहुत ही आकर्षक है जहा आपको जगह – जगह पर झरने नदिया देखने को मिल जायेंगे ।

यह स्थान सतना शहर से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित है जंगली गलियारों के बीच मौजूद परसमनिया पर्वत के चोटी के ऊपर से शानदार दृश्य दिखाई पड़ता है।

सतना घूमने के लिए आने बाले शैलानियों को फोटोग्राफी के लिए यह जगह सबसे उपयुक्त है यदि आप सतना घूमने का प्लान कर रहे है तो अपने लिस्ट में परसमनिया पर्वत अवश्य शामिल करे ।

परसमनिया घूमने के लिए सबसे अच्छा समय– मानसून का होता है क्योकि उस समय जंगलो की हरियाली और जगह जगह बहता हुआ झरना काफी खूबसूरत लगता है ।

9. राजा बाबा जलप्रपात- Raja Baba Waterfall satna

यदि आप सतना में खूबसूरत झरने , नदिया , और जंगल का एक साथ समन्वय देखना चाहते है तो देर किस बात की पहुंच जाइये सतना के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल राजा बाबा जलप्रपात जहां आपको प्राकृतिक नैसर्गक वातावरण का मनोरम दृश्य देखने को मिलेगा ।

विंध्य के चोटी पर बसा परसमनिया पर्वत के पास स्थित सतना का राजा बाबा जलप्रपात जो सतना घूमने आए हुए शैलानियों के लिए बेस्ट लोकेशन में से एक है । इसकी दूरी सतना शहर से लगभग 40 किलोमीटर है।

10. बीरसिंघपुर सतना

सतना से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर बसा यह स्थान यहाँ का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है जो भगवान् शिव को समर्पित है । यदि आप धार्मिक स्थलों में विश्वास रखते है तो एक बार यहाँ पर विजिट कर सकते है ।

महाशिवरात्रि के समय यहाँ दूर दूर से लोग आस्था पर विश्वास रखने बाले भक्त अपनी मनवांछित इच्छा पूर्ण की मनोकामनाएं लेकर भोलेनाथ के दर्शन के लिए आते हैं।

11. भरहुत

यह एक बौद्ध स्थ धार्मिक स्थल है जो अपनी कलाकृतियों के लिए जाना जाता है शन1873 में पुरातत्व सर्वेक्षण के दौरान बौद्ध सपूतो को यहां खोजा यहां गया था । यहाँ पायी गयी बहुत सी प्राचीन वस्तुओं को भारतीय संग्रहालय भेजा गया था।

इस स्थान की देख रेख की जिम्मेदारी पुरातत्व विभाग के पास है और यहाँ पर मौजूद अशोक सम्राट के शिलालेखों तथा उस समय के कलाकृतियों को बखूबी देखा जा सकता है ।

सतना के भरहुत स्तूप द्वार से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर लाल पहाड़ स्थित है जहां प्राचीन गुफाये मौजूद है।

सतना के भरहुत में घूमने के लिए सबसे अच्छा समय – बरसात के मौसम में यहाँ के प्राकृतिक वातावरण का सौंदर्य आने बाले पर्यटकों को मंत्र मुग्ध कर देता है ।

12. भटेश्वर नाथ मंदिर

सतना मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर भटेश्वर नाथ को समर्पित है जो सतना नदी के बीचो- बीच स्थापित है यहाँ प्रत्येक रविवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है ।

भटेश्वर नाथ मंदिर सतना के प्रमुख मंदिरो एवं पर्यटन स्थल मे से एक है जहा पर साल भर श्रद्धलुओं का आना जाना लगा रहता है ।

13. सतना का आल्हा उदल अखाडा

सतना के मैहर तहसील में मौजूद आल्हा उदल अखाडा हजारो वर्ष पुराना माना जाता है मैहर में विराजमान माँ शारदा देवी की खोज त्रिकूट के पर्वत में इन्ही दोनों योद्धाओं ने किया था ।

कहते है आल्हा उदल देवी शारदा के अनन्य भक्त थे जिनसे देवी प्रसन्न होकर उन्हें अमरत्व का वरदान दिया था । आज भी मैहर में इनके अमर होने के संकेत मिलते है ।

रात के समय जब मंदिर के दरवाजे बंद हो जाते है और जब सुबह पुनः दरवाजे खोले जाते है तो देवी के ऊपर फूल अर्पण किये हुए मिलते है जो आल्हा के द्वारा किये जाते है ।

तो जब भी आपकी सतना घूमने की इक्छा जाहिर हो तो सतना से 1 घंटे की दूरी पर मौजूद इस रहस्य्मयी अखाड़े को देखने अवश्य जाये ।

14. वैष्णो देवी मंदिर सतना

यह सतना जेल के निकट स्थित इस मंदिर का निर्माण जेल के कैदियों के द्वारा किया गया था ये सतना रेलवे स्टेशन से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ।

15. माधवगढ़ किला

यह किला सतना से 5 किलोमीटर की दूरी पर है यह रीवा रियाशत का मुख्य केंद्र हुआ करता था इसके चारो तरफ की भौगोलिक आकृति पर्यटकों को मनोरम दृश्य प्रदान करती है ।

माधवगढ़ किला को रीवा रियाशत के महाराज विश्वनाथ सिंह ने बनवाया था तथा ये टमस नदी के किनारे पर स्थित है जिससे इसकी खूबसूरती और भी कई ज्यादा बढ़ जाती है ।

16. मैत्री पार्क

maitri park satna

सतना शहर वासियों का पसंदीदा स्थान मैत्री पार्क है जहा बिभिन्न प्रकार के बच्चो के लिए झूले के साथ साथ पानी के फव्वारे मौजूद है ये पार्क सतना रेलवे से 5 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है ।

सतना कैसे पहुंचे ?

सतना शहर रोड मार्ग वायु मार्ग और रेल मार्ग से भारत के सभी शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है इसलिए यहां तक पहुंचना बहुत आसान है-

ट्रेन से सतना कैसे पहुंचे

रेल यात्रा का सफर करके सतना पहुंचने वाले यात्रियों के लिए बता दो कीजिए दिल्ली हावड़ा लाइन पर स्थित है। और मध्य प्रदेश का सबसे बिजी रेलवे स्टेशनों में से एक है इसलिए यहां से प्रतिदिन सभी बड़े शहरों से रेलगाड़ियों का आवागमन होता है।

वायु मार्ग

वैसे तो सतना में खुद ही एयरपोर्ट मौजूद है लेकिन यहाँ अभी हर जगह से हवाई जहाज का आवागमन नहीं होता है इसके निकटतम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट खजुराहो है जो यहाँ से 115 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है वहां पहुंचकर सतना के लिए ट्रेन या बस पकड़ सकते हैं।

सतना के प्रसिद्द व्यंजन (खाना ) क्या है ?

क्याआपको पता की सतना का सबसे प्रसिद्द व्यंजन खाने में समोसा और जलेबी है जिसका स्वाद यहाँ के लोग हर समय लेते रहते है और इनके स्टाल यहाँ के हर गली और चौराहे के नुक्कड़ पर मिल जायेंगे तो जब भी आप सतना में घूमने की जगह देखने के लिए जाये तो यहाँ के मशहूर समोसे का स्वाद चखना बिलकुल मिस न करे ।

FAQ- Realated satna

सतना क्यों प्रसिद्ध है?

सतना प्रसिद्द है अपने ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल के लिए जो सबसे ज्यादा फेमस है मैहर , (माँ शारदा देवी मंदिर) और चित्रकूट धाम के लिए जहा साल भर पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है ।

सतना में कौन कौन से मंदिर है?

1.मैहर
2.चित्रकूट
3.रामवन
4.भटेश्वर नाथ मंदिर
5.वैष्णो देवी मंदिर
6.व्यंकटेश मंदिर
7.आल्हा उदल अखाडा , मंदिर
8.बीरसिंघपुर
9.धारकुंडी आश्रम
ये सभी सतना के प्रमुख मंदिर में से एक है तथा इनके अलाबा और भी यहाँ पर मंदिर मौजूद है

क्या आप सतना शहर से हैं अगर है तो आपको सतना में घूमने की जगह और सपना के पर्यटन स्थल जो हमने बताया है तो क्याआप वहां कभी गए हो अगर हां तो हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं। और अपने दोस्तों के साथ इस लेख को फेसबुक में जरूर शेयर करें

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1 thought on “Best 15] सतना में घूमने की जगह | Satna tourist place in hindi”

  1. Aagar aap satna m h to aap masti jaroor karen apne ghar friends 👭👬 shabhi k sang
    Yaha sb kuch h prakati ke dwara banaya hua

    Reply

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