14 पंचमढ़ी में घूमने की जगह । पंचमढ़ी पर्यटन स्थल

मध्य प्रदेश का एक मात्र  हिल स्टेशन पंचमढ़ी और पर्यटकों के बीच  लोकप्रिय पर्यटन स्थल पंचमढ़ी यहाँ की प्राकृतिक खूबसूरती पर्यटकों का मन मोह लेती है। इस राज्य के घूमने बाले स्थान में सबसे ज्यादा प्रसिद्द पंचमढ़ी पर्यटन ही है ।

दूर दूर तक फैली हुयी पर्वतीय घाटियां कल -कल करके बहते हुए झरने और आध्यात्मिक पर्यटन स्थल ही पंचमढ़ी की खास पहचान है ।

वैसे तो मध्यप्रदेश में बहुत सी ऐसी जगह है जहा रोज दूर -दूर से लोग यहाँ घूमने आते है और अपने साथ यहाँ की यादे  समेट कर ले कर जाते है इसीलिए इस राज्य को प्राकृतिक समृद्धि शैली राज्य कहा जाता है ।

पंचमढ़ी में घूमने की जगह Panchmarhi tourist place in hindi

यहाँ पर ऊंची- ऊंची पहाड़िया, झरने और प्राकृतिक गुफाये आने बाले पर्यटकों का मन मोह लेती है सतपुड़ा नदी के बीच बसा  इस स्थान को सतपुड़ा की रानी भी कहा जाता है

लहलहाते झरने , जलप्रपात,  नदिया , तालाब चारो तरफ जंगलो से घिरा हुआ यह पंचमढ़ी पर्यटन मानो प्रकृति की गोद में समाये हुआ है।

पचमढ़ी के पर्यटन स्थल को 2 भागो में बांटा गया है – 

प्राकर्तिक पर्यटन स्थल पंचमढ़ी  

  • धूपगढ़ 
  • बी – फॉल
  • अफसरा  फॉल 
  • सिल्वर फॉल 
  • लिटिल फॉल  
  • हांड़ी खोह 
  • प्रियदर्शनी पॉइंट 
  • प्रियदर्शनी पॉइंट 

दार्शनिक पर्यटन स्थल पंचमढ़ी 

  • चौरागढ़ मंदिर 
  • महादेव मंदिर 
  • गुप्त महादेव
  • मंदिर जटाशंकर मंदिर
  • पांडव गुफाये 

1. अफसरा जलप्रपात पंचमढ़ी 

panchmarhi waterfall
panchmarhi waterfall

अफसरा वाटर फॉल यहाँ कल कल करती झिलमिल जलधारा  शैलानियों को बहुत सुकून देता है यहाँ प्रकृति के बीच कुछ समय बिताने पर पर्यटकों की सारी थकान दूर हो जाती है ।

अफसरा वाटरफॉल घूमने के बाद पर्यटक चल पड़ते है अपने अगले पड़ाव की ओर जहा कुछ ही दूर चलने पर मिलता है एक ओर प्रकृति का खूबसूरत झरना  – रजत वॉटरफॉल –

2. रजत वाटर फॉल – silver waterfall panchmarhi

silver water fall  अफसरा वाटर फाल में  सतपुड़ा के उची छोटी से एक पतली जलधारा नीचे की तरफ गिरती है तो वह चांदी के सामान दिखाई पड़ती है इसीलिए इस वाटर फॉल को silver water fall भी कहा जाता है ।

पर्वतीय चोटियों से घिरी हुयी  घाटियों के बीच कई सारे झरने ओर प्रपात है रजत फॉल तक फाल्स तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों के माध्यम से नीचे की तरफ जाना होता है ।

प्राकृतिक रास्तो के बीच से गुजरते हुए जंगल का सुहावन वातावरण मन को बहुत शांति देता है । जंगली गलियारों से बहती हुयी छोटी छोटी जलधाराएं पहाड़ी रास्तो में आगे चलकर एक बड़े वाटर फॉल का निर्माण करती है ।

 पहाड़ो से  पतली झिलमिल जलधारा जब 350 फिट नीचे  गिरती है तो पर्यटक इस नज़ारे को देखकर प्रकृति की बादियो में खो जाते है ।

गिरती हुयी जलधारा प्रकृति के इन बादियो को ओर भी खूबसूरत ढंग से निखारते है । 

सिल्वर वॉटरफॉल होशंगाबाद जिले का सबसे उचा वॉटरफॉल है ।

Silver Waterfall की खासियत  

पंचमढ़ी का ये खूबसूरत वाटरफॉल किसी नदी या नाले से इसका पानी नहीं आता बल्कि  यहाँ का जो पहाड़ है वो Sedimentary rocks  है जो बारिश के पानी को observ कर लेता है फिर जहा से जगह मिलती है वहा  से  पानी निकलता है यही पानी जगह जगह से निकलकर इकट्ठा होकर water fall बनाता है ।

3. बी फॉल – Bee fall panchmarhi 

वैसे तो पचमढ़ी में कई वॉटरफॉल है लेकिन इनमे से सबसे ज्यादा प्रसिद्द बी फॉल वाटर फॉल है यह पचमढ़ी से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ।

यहाँ पर हरी भरे घाटियों की बीच में लगभग 35 मीटर की उचाई से गिरता हुआ ये झरना पर्यटकों का मन मोह लेता है । ज्यादातर पर्यटन पचमढ़ी आने पर इस झरने में स्नान जरूर करते है ओर यहाँ की प्राकृतक नैसर्गिक का भरपूर आनंद उठाते है । 

इनके अलाबा नदिया तालाब चारो और पानी ही पानी दिखाई जिससे यहाँ आने बाले पर्यटको का आकर्षक का केंद्र है

4. डचेस वाटर फॉल 

पंचमढ़ी से 21 किलोमीटर की दूरी पर स्थित  यह वॉटरफॉल 3 अलग अलग झरनो से मिलकर बनता है और और आगे जाकर एक विशाल झरने का रूप ले लेता है ।

 जंगली गलियारों से चलते हुए दर्शनार्थियो को पचमढ़ी के बदियो में प्रकृति के इस नैसर्गिग का शानदार अनुभव लेते हुए पर्यटक  यहाँ तक पहुंचते है । 

100 मीटर से गिरता यह वॉटरफॉल फोटोग्राफी के लिए एक शानदार स्थान है । यहाँ  पहुंचकर पर्यटक झरनो की खूबसूरती में स्नान भी करते है ।

5. हांड़ी खोह पंचमढ़ी – handi khah । viewpoint panchmarhi

बी फॉल के नज़दीक में ही पड़ता है प्रकति का एक ओर खूबसूरत view point कहते है:- की इस स्थान पर भगवान् शिव ओर किसी दुर्दांत राक्षस के बीच भयानक युद्ध हुआ था।

उस समय इस जगह का पानी सूख गया और  ये किसी हांड़ी के जैसे दिखने लगा तब से इस जगह हो हांड़ी खोह के नाम से जाना जाने लगा ।

6. धूपगढ़ पंचमढ़ी – dhoopgarh viewpoint 

पचमढ़ी घूमने जाये ओर धूपगढ़ नहीं देख तो समझो कुछ नहीं देखा । इसकी उचाई समद्र तल  से 4229 फिट की उचाई पर मध्यप्रदेश की सबसे ऊंची छोटी

धूपगढ़ में सूर्योदय ओर सूर्यास्त का दृश्य प्रकृति की सबसे सुन्दर रचना को प्रस्तुत करता है । हरे भरे घाटियों के बीच से पर्यटक धूपगढ़  पहुंचने पर केसरिया रौशनी में सूर्य का दृश्य मनमोहक लगता है ।

इस  चोटी पर पहुंचते ही यहाँ पर कैंटीन भी है जहा पर पर्यटक कुछ खाने का मन हो तो यहाँ आराम से बैठ कर कहा सकते है और साथ में फ्रेस हो सकते है 

रास्ते में जाते वक़्त सम्भल कर जाए क्योकि इस रास्ते में जंगली जानवर घुमते रहते है जब इस ट्रिप में जाए तो टैक्सी या जिप्सी लेकर ही जाये क्योकि साथ में गाइड भी मिल जाता है और रिस्क नहीं होता ।

7. प्रियदर्शनी पॉइंट पंचमढ़ी 

पचमढ़ी की प्राकृतिक खूबसूरती का यह प्रियदर्शनी पॉइंट  पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है यहाँ पचमढ़ी आने बाले पर्यटक फोटोग्राफी का भरपूर आनद लेते है ।

इस जगह का शानदार सेल्फी पंचमढ़ी की यादों को समेटने का सबसे अच्छा Viewpoint है और सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला से प्रकृति के वादियों  में घूमने का मजा ही शानदार होता है ।

8. राजेंद्रगिरि सनसेट पॉइंट – Rajendragiri sunset point

यह पचमढ़ी की खूबसूरत जगहों में से एक है यहाँ से पर्यटकों को शानदार सनसेट परिदृश्य देखने को मिलता है । शाम के समय ढलते हुए  सूरज की रौशनी बदलते हुए रंग बिरंगे कलर पंचमढ़ी पर्यटक  के मन को बहुत सुकून देता है ।

प्रकृति अपने बादियो में समोहे हुए सूर्य को शाम के वक़्त इस तरह निखार देती है की मनो पर्यटकों के मन को लगता है काश ये वक़्त यही ठहर जाये ।

9. पंचमढ़ी लेक – panchmarhi lake 

panchmarhi lake
panchmarhi lake

यदि आप पंचमढ़ी घूमने का भरपूर आनद लेना चाहते है तो पंचमढ़ी लेक जरूर देखने जाये और यहाँ के प्राकृतिक नैसर्गिग वातावरण के साथ लेक में बोटिंग राइडिंग का भरपूर आनद ले ।

10. सतपुड़ा नेशनल पार्क 

यह नेशनल पार्क मध्यप्रदेश के होशंगाबाद में पड़ता है तकरीबन 524 स्क्वायर किलोमीटर में फैला यह नेशनल पार्क जंगली जीवो के लिए एक सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है ।

पंचमढ़ी में हाथी , तेंदुआ, शेर , भालू , जिराफ आदि जंगली जानवर देखने को मिल जायेंगे यहाँ पर घूमने के राष्ट्रीय उद्यान पर्यटन बिभाग की तरफ से काफी अच्छी व्यबस्था की गयी है।

ताकि पर्यटकों को किसी तरह से दिक्क्तों का सामना न करना पड़े घूमने के लिए यहाँ पर जीप, बाइक , साइकिल किराये पर लेकर आसानी से घूमा जा सकता है ।

अगर आप जानवरो के शौक़ीन है तो फिर एक बार इस जगह जरूर जाये यहाँ पर कई प्रकार के जंगली जानवर देखने को मिल जायेगे । पंचमढ़ी में हाथी , तेंदुआ, शेर , भालू , जिराफ आदि जंगली जानवर देखने को मिल जायेंगे ।  

 

दार्शनिक पर्यटन स्थल पंचमढ़ी :-

11.पांडव गुफाये पंचमढ़ी – panchmarhi caves

पंचमढ़ी में पांडव  गुफा में नीचे की तरफ गार्डन है जबकि गुफाओं तक पहुंचने के लिए थोड़ी दूर चढ़ाई करके आप पंचमढ़ी का प्यारा Viewpoint और ठंडी हवाओं का लुप्त उठा सकते है।

हिन्दू धर्म साहित्य के हिसाब से ये गुफाये द्वापर युग के समय की है पौराणिक कथा के अनुसार महाभारत के समय  यहाँ पांडवो ने अपने अज्ञात बॉस  के समय इन गुफाओ में बिताये  थे ।

जो आज  भी पचमढ़ी में सबूत के तौर पर मौजूद है लोग पचमढ़ी  में इसे देखने के लिए दुनिया के कोने कोने से आते है ऐसा भी कहा जाता है पचमढ़ी का नाम इन्ही पांच गुफाओं के कारण ही पड़ा था ।

12.महादेव मंदिर पंचमढ़ी 

देवो के देव महादेव जी का मंदिर बताया जाता है की यहाँ पर भगवान् व्रिष्णु  ने अफसरा मोहनी के अवतार में भस्मासुर का बद्ध  किया था  यहाँ पर हमेशा श्रद्धालुओं की लम्बी लाबी कतरे लगी रहती है । 

इस मंदिर को पचमढ़ी का सबसे पुराना मंदिर कहा जाता है और इस मंदिर तक पहुंचने के लिए  60 फिट लम्बी गुफा का रास्ता तय करना पड़ता है । और  इसे श्रद्धालुओं के लिए तीर्थ स्थल जैसा माना  जाता है इस मंदिर में  हमेशा लाइन लगी रहती है 

इस गुफा में हमेशा एक पतली झिलमिल पानी की धार बूँद बूँद से टपकती रहती है यह आये हुए पर्यटकों को ये प्राकृतिक दृश्य देखते बनता है ।

13.चौरागढ़ 

यह स्थान पंचमढ़ी के दार्शनिक स्थान में  सबसे शानदार स्थान में से एक है यहाँ महाशिवरात्रि के समय भगवान् शिव जी के भक्तो की लम्बी

लाइन लगी रहती है  लगभग 3.5 किलोमीटर दूर स्थित यह स्थान ऊँचे पर्वत में बसा हुआ है जिसकी ऊंचाई लगभग 1330 मीटर है ।

14.जटा शंकर धाम 

पचमढ़ी शहर के पास में ही एक धार्मिक पर्यटन स्थल जो जाता शंकर धाम के नाम से जाना जाता है । कहते  है की भष्मा सुर नामक राक्षस से बचने के लिए भगवान शंकर पचमढ़ी आकर सरण लिए थे ।

ऊंची नीची पथरीली घाटियों से चलते हुए शैलानी जटाशंकर धाम पहुंचते है जहा 100 सर्पो के सर वाली एक प्राकृतिक पथरीली संरचना है ये प्राकृतिक शिब्लिंग एक  विशालकाय चट्टानों के नीचे बानी है । 

कहते है भगवान् शंकर की उलझी हुयी झटाओ से प्रेरित होकर लोग इसे जटा  शंकर  के नाम से जाना जाने लगा ।

पचमढ़ी का इतिहास (history of panchmarhi in hindi)

ब्रिटिश शासक  के आगमन से पहले पचमढ़ी में  राजा भोज सिंह का राज था सं 1857 की लड़ाई के समय जब अंग्रेजो में झाँसी पर चढ़ाई कर रहे थे

तब भारतीय सूबेदार मेजर नाथूराम पवार जी ने ब्रिटिश सेना के कप्तान जेम्स को पचमढ़ी के बारे में बताया था तब से पचमढ़ी ब्रिटिशर की छवनी और गर्मियों में मध्य भारत की राजधानी हुआ करती थी ।

आज के आधुनिक युग की पचमढ़ी पर्यटकों के लिए घूमने का सबसे बेहतरीन जगह है जहा पर प्रकृति और आध्यत्मिक पर्यटन स्थलों की पर्यटकों को अलग ही आनंद  देती है  ।

पंचमढ़ी का नाम यहाँ की पांच गुफाओं से पड़ा मान्यता है की द्वापर युग में महाभारत काल के समय पांडवो ने अपने बनवास के समय यहाँ पर पांच गुफाये बनायीं  थी जो आज भी पहाड़ो के ऊपर मौजूद है ।

यह स्थान मध्यप्रदेश के होशंगा बाद जिले में स्थित है यहाँ पहुंचने  के लिए इसके निकटम रेलवे स्टेशन बनाया गया है जो पिपररया रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जाता है ।

 पंचमढ़ी किसलिए  प्रसिद्द है 

मध्यप्रदेश का एक मात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी यह अन्र्राष्ट्रीय पर्यटक स्थल है मध्यप्रदेश के सबसे खूबसूरत जगह में से एक प्राकृतिक स्थान पंचमढ़ी के बारे में आज कौन नहीं  जानता।

पचमढ़ी अपने प्राकृतिक खूबसूरती और कल कल कर बहते झरने नदिया और  वॉटरफॉल और इसके अलाबा आध्यात्मिक दर्शन के लिए पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है ।

यह पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है यहाँ हर रोज हजारो लोग प्राकृतिक नजारा लेने आते है । यह स्थान सिंधु और सतपुड़ा की पहाड़िया से घिरा हुआ है।

पंचमढ़ी मध्यप्रदेश का एक मात्र हिल स्टेशन है यहाँ पर हर रोज हजारो लोग दूर दूर से प्रकृति का नजारा लेने के लिए आते है इतिहास में बताया जाता है की इस स्थान की खोज फोरसिथ ने की थी ।

 

पंचमढ़ी घूमने किस मौसम में जाये । पंचमढ़ी कब जाये 

यहाँ पर किसी भी मौसम में जाया जा सकता है यहाँ का शर्दियो में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री होता है तथा गर्मियों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री रहता है इसी की बजह से पंचमढ़ी में हर मौसम में पर्यटक आते रहते है । 

खासतौर पर घर्मीयो में छुट्टियों के समय यहाँ काफी जाता मात्रा में पर्यटक यहाँ की वादियों की ठंडी हवाओं  का आनद लेने आते है ।

 

पचमढ़ी कैसे पहुंचे 

panchmarhi in hindi
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रेलमार्ग – पचमढ़ी पहुंचने के लिए इसके सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन पिपरिया रेलवे स्टेशन है यह स्टेशन मुंबई हावड़ा मार्ग में पड़ता है जहा अधिकांश रेल इस स्टेशन में रूकती है।

पिपरया रेलवे स्टेशन से पचमढ़ी की दूरी 42 किलोमीटर है । यहाँ से टैक्सी लेकर बड़े आसानी के साथ पचमढ़ी हिल स्टेशन तक पंहुचा जा सकता है ।

रोडमार्ग – पचमढ़ी हिल स्टेशन तक पहुंचने के लिए यहाँ शानदार रोड मार्ग  है अगर आप चाहे तो तो रोड मार्ग से हिल स्टेशन तक  बड़े आसानी से जा सकते है ।

वायुमार्ग –  पंचमढ़ी क सबसे नजदीकी एयरपोर्ट  राज भोज एयरपोर्ट जबलपुर का है । जबलपुर से पंचमढ़ी की 195 किलोमीटर है ।

 

पंचमढ़ी कैसे घूमे 

पचमढ़ी घूमने के के लिए चाहे तो प्राइवेट टैक्सी कर सकते है या फिर किराये पर बाइक ले कर बड़े आसानी से पंचमढ़ी घूम सकते है ।बाइक का चार्ज 500 से 1500 तक अलग अलग बाइक कैटेगरी के अलग अलग चार्ज होते है ।

स्कूटी का मिनिमम चार्ज 500 होता है । अगर आप बुलेट या फिर और स्टैंडर्ड बाइक लेकर पचमढ़ी की सैर करना चाहते है तो 1000 प्रतिदिन का चार्ज होता है  और एक बाइक 2 लोगो को बैठने की परमिशन होती है । 

या फिर चाहे तो साईकल लेकर पंचमढ़ी की खूबसूरती बखूबी देख सकते है ।

बाइक से पंचमढ़ी घूमने के लिए अधिकतम 300 रुपया के पेट्रोल में पूरा पंचमढ़ी घूम सकते है ।

पंचमढ़ी में ठहरने के स्थान 

पचमढ़ी में रुकने की काफी अच्छी व्यवस्था है यहाँ काफी  कम दामों में रुकने के लिए अच्छे होटल मिल जायेंगे जो शानदार डेकोरेशन के साथ साथ खाने के भी अच्छी सुबिधाये बड़े सस्ते दामों  में मिल जाते  है ।

जब भी आप पंचमढ़ी में घूमने का प्लान करे तो कम से कम 3 दिन का समय जरूर निकाल कर आये तभी पंचमढ़ी पर्यटन की यात्रा पूरी कर पाएंगे और यहाँ की प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद उठा पाएंगे.

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