निधिवन का रहस्य ? यहाँ अभी भी द्वापर युग कायम है

Nidhivan ka rahasya – राधे -राधे दोस्तों , श्री कृष्ण जन्म भूमि के पास एक बेहद अद्भुत धाम है जो निधिवन के नाम से जाना जाता है इस जगह को दुनिया का सबसे रहस्य्मयी जगह माना जाता है। निधिवन का रहस्य की कई बार जाँच पड़ताल की जा चुकी है लेकिन कभी सुलझा ही नहीं ।

जब भी निधिवन का नाम आता है तो एक सबाल सबके मन में जरूर आता होगा वृन्दावन के निधिवन का रहस्य, क्या इस रहस्य्मयी जगह में कलयुग अभी तक प्रवेश नहीं किया है ? क्या यहाँ पर अभी भी द्वापर युग कायम है ?

आज आप इन्ही सबालो के जबाब इस लेखे में जानेगे जो भगवत पुराणों में बताया गया है ।

निधिवन का रहस्य- Nidhivan Ka Rahasya

निधिवन के बारे में कहा जाता है की शाम ढलते ही इस खूबसूरत हरे भरे वन को छोड़ कर सभी प्राणीअपने आशियाने के लिए चले जाते है चाहे वो मनुष्य हो या जानवर रंगमहल मंदिर बंद होने के बाद इस वन में कोई परिंदा भी पर नहीं मार सकता है।

इस हरे भरे वन के भीतरी हिस्से में स्थित रंग महल मंदिर की अपनी अद्भुत लीला है शाम को आरती बंदन के बाद मंदिर परिसर बंद करने से पहले श्री कृष्ण के विश्राम के लिए सेज सजाय जाता है ।

जहाँ पुजारियों के द्वारा विस्तार लगाया जाता है और एक लोटा जल , पान और लड्डुओं से भोग लगा कर मंदिर बंद कर दिया जाता है।

रंग महल मंदिर सुबह जब खोला जाता है तो विस्तर बिखरे हुए मिलते है और पान चबाया हुआ तथा लड्डुओं का कुछ भोग लगा हुआ मिलता है इसका यह रहस्य आज भी विज्ञानं के पकड़ से दूर है ।

साधु संतो और स्थानीय लोगो की माने तो निधिवन में पेड़ो के रहस्य के बारे में कहते है की इस वन के सभी वृक्ष गोपियों और भगवान के सखायो के प्रतिबिंदु है जो रात में गोपी बन जाते है और सुबह होते ही पुनः पेड़ का रूप धारण कर लेते है ।

निधिवन में मंदिर बंद होने के बाद कई बार कुछ लोग छुप कर वन के भीतर निधिवन के रहस्य को जानने की कोशिश की परन्तु किसी की मनोकामना पूरी नहीं हुयी।

निधिवन में रुकने बाले सभी लोग दुसरे ही इस दुनिया को अलबिदा कह देते है ।

रास लीला का मतलब आध्यात्मिक रूप से अनन्य प्रेम भक्ति होती है जो आज के मानव इस आलौकिक भक्ति भाव को नहीं समझ पाएंगे ।

भगवान कृष्ण की रासलीला स्थली भूमि निधिवन के बारे ऐसा भी कहा जाता है की रात को भगवान कृष्ण और गोपिया यहाँ रास लीला करने के लिए नित्य दिन आते है ।

इस दैवीय वन के भीतर मौजूद सभी पेड़ आज से लगभग 5 हजार बर्ष पूर्व द्वापर युग के है जो अपने अंदर रहस्य लिए बैठे हुए है ।

निधिवन का चमत्कार

वन के अंदर मौजूद पेड़ो को यदि आप धागे से एक दुसरे को बांध देंगे तो सुबह आपको यहाँ टूटे हुए मिलेंगे क्योकि सभी पेड़ गोपिया और कृष्ण के सखा है जो रात्रि में महारास में शामिल होते है इसी कारण धागे टूट जाते है ।

निधिवन में रात रुकने बाले पागल, अंधे क्यों हो जाते है ?

वृन्दावन के निधिवन मंदिर के पुजारियों के द्वारा दावा किया जाता है की यदि कोई भक्त या पुजारी यहाँ रुकने की कोशिश की तो वो 24 घंटे के अंदर उसकी आँखों की रौशनी चली जाती है और फिर उसकी जीने की इक्षा शक्ति नहीं रह जाती वो इस दुनिया को अलविदा कह देता है इसी बजह से निधिवन में रात कोई नहीं रुकता ।

निधिवन साधु संतो के द्वारा बताया जाता है की यहाँ रुकने बाले व्यक्ति को भगवान कृष्ण और गोपियों के दिव्य अलौकिक दर्शन तो प्राप्त होते है परन्तु वो उनकी दिव्य तेज प्रकाश से आँखों की रौशनी चली जाती है । यहाँ निधिवन में मरने बालो लोगो की समाधी भी वन के अंदर ही बनायीं गयी है ।

निधिवन का रंगमहल मंदिर का दरवाजा बंद होते ही इस खूबसूरत जंगल से सभी प्राणियों को जाना होता है क्योंकि यहाँ सदियों से भगवान श्री कृष्ण और गोपियों का नृत्य दिन महारास होता है इसी बजह से यहाँ रात में रुकने के लिए मना है ।

निधिवन में रात को रुकने की मनाही इसीलिए भी है की जिसने भी यहाँ शाम को रुकने की कोशिश किया वो भगवान को प्यारा हो गया ।

निधिवन की महिमा कैसी है?

निधिवन के अंदर मौजूद अदृश्य शक्तियों को नाकारा नहीं जा सकता करोडो लोग मानते है की अतीत में भी भगवान श्री कृष्ण थे और आज भी है और आगे आने बाले भविष्य में भी रहेंगे ।

लेकिन वो सिर्फ अपने अनन्य भक्तो को दिखाई देते है

कलयुग का ये वो धाम है जिसे भक्त भगवान श्री कृष्ण की निशानी मानते है यहाँ पर एक ऐसा भी धाम है जहाँ पर कलयुग प्रवेश नहीं किया है अभी भी द्वापर युग कायम है ।

निधिवन का रंग महल मंदिर में भारी संख्या में दर्शनार्थी प्रतिदिन अपनी मनोकामना पूरी होने के लिए पूजा अर्चना करने आते है ।

जो भी भक्त दुनिया की मोह माया त्याग कर वास्तबिक वातावरण से बहार आकर राधा कृष्ण की भक्ति में सच्चे मन से मन्नते मांगता है उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है । इसी आस को लेकर भक्त रहस्य्मयी निधिवन के रंगमहल मंदिर में भगवान की शरण में आते है ।

निधिवन के पेड़ो का रहस्य क्या है?

वृन्दावन के निधिवन में कोई भी वृक्ष अकेला देखने को नहीं मिलेगा इस वन के पेड़ो की खासियत है की दो वृक्ष आपस में एक दुसरे से लिपटे हुए मिलेंगे उनकी एक बिशेषता है की सभी वृक्षों के डालिये ऊपर से नीचे की तरफ झुकी होती है ।

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FAQ निधिवन के बारे पूछे जाने बाले प्रश्न ?

निधिवन की सच्ची कहानी ?

निधिवन साधु संतो के द्वारा बताया जाता है की यहाँ रुकने बाले व्यक्ति को भगवान कृष्ण और गोपियों के दिव्य अलौकिक दर्शन तो प्राप्त होते है परन्तु वो उनकी दिव्य तेज प्रकाश से आँखों की रौशनी चली जाती है । यहाँ निधिवन में मरने बालो लोगो की समाधी भी वन के अंदर ही बनायीं गयी है

निधिवन की महिमा ?

जो भी भक्त दुनिया की मोह माया त्याग कर वास्तबिक वातावरण से बहार आकर राधा कृष्ण की भक्ति में सच्चे मन से मन्नते मांगता है उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है । इसी आस को लेकर भक्त रहस्य्मयी निधिवन के रंगमहल मंदिर में भगवान की शरण में आते है ।

अगर आप अभी तक वृन्दावन का निधिवन घूमने नहीं आये तो एक बार जरूर आईयेगा और निधिवन के रहस्य को अपनी आँखों से देखिये।

अंतिम लाइन- दोस्तों अगर आपको निधिवन का रहस्य की जानकरी अच्छी लगी हो तो अपने मित्रो या परिवार के सदस्यों के साथ इस आर्टिकल को जरूर साझा करे ।

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