मथुरा में घूमने की जगह – राधा कृष्ण की अनसुनी कहानिया

Tourist Place in Mathura in Hindi– लाखो करोडो लोगो के आस्था का केंद्र मथुरा को हिन्दू तीर्थो का तीर्थ स्थल कहा जाता है गोकुल हो या वृन्दावन फिर चाहे गोवर्धन हो या राधा का बरसाना और यशोदा का नन्द गांव घूमने के लिए आपको आना होगा मथुरा में घूमने की जगह।

अगर आप घूमने के शौकीन है और धार्मिक स्थलों में रूचि रखते है तो मथुरा के प्रसिद्ध मंदिर आपके लिए एक शानदार दार्शनिक स्थल हो सकता है ।

यहाँ हजारो की तादात में मंदिर है आप घूमते घूमते थक जायेंगे लेकिन मथुरा के मंदिर ख़त्म नहीं होंगे ।

भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की लीला स्थली और जन्म स्थली मथुरा में अनेको ऐसे रहस्य है जो आज के आधुनिक समय में भी रहस्य ही बने हुए है।

मथुरा में घूमने की जगह

मथुरा में कृष्ण को ठाकुर के नाम से पुकारा जाता है किशन कन्हैया जब सुबह नन्द गांव से अपनी गाय चराने के लिए निकलते तो सबसे पहले प्रेम सरोवर में स्नान करते और गायो को चराने के लिए निकल पड़ते।

साकरी खोर जहाँ गायो को चराते दोपहर तक गोपियों से यहाँ दूध दही दान लेते और अपने सखायो के साथ मटकियां फोड़ते उसके बाद नद्वारा चले जाते राजभोग करने फिर वापस से इसी जगह में लौटते।

फिर शाम होते ही गाय धोने के लिए निकल पड़ते दोहनी कुंड वहां से गाय लेकर श्री जी भवन जाते

तो चलिए जानते है मथुरा के प्रसिद्द मंदिर और मथुरा में घूमने की जगह के बारे में जहाँ आपको श्री कृष्ण के दिव्य अलोकिक दर्शन प्राप्त होंगे ।

1. द्वारिका धीश मंदिर मथुरा

मथुरा के प्रसिद्द दार्शनिक स्थलों में द्वारिका धीश मंदिर भगवान् कृष्ण की जन्म भूमि है ये मंदिर उस कारागृह के बाहर बना हुआ जिसके अंदर कंस ने बासुदेव और माता देवकी को कैद कर रखा था ।

इस मंदिर का निर्माण 1814 में किया गया था जो विश्राम घाट के नजदीक स्थित है यहाँ भगवान श्री कृष्ण और इनसे जुडी घटनाये कलाकृतियों के द्वारा बखान करती है ।

द्वाररिकाधीस मंदिर साल भर श्रद्धालुओं से भरा हुआ होता है और जन्माष्ठमी के समय मथुरा में सबसे ज्यादा भीड़ इकठ्ठा होती है ।

2. कृष्ण जन्म भूमि

मथुरा घूमने जाये और कृष्ण जन्म भूमि न घूमे ऐसा हो ही नहीं सकता यही वो स्थान है जहाँ द्वापर युग में पृथ्वी लोक में साक्षात् भगवान व्रिष्णु ने कृष्ण के रूप में जन्म लिया था ।

कृष्ण जन्म भूमि मंदिर के अंदर श्रध्हलुओ को किसी प्रकार की चीज वस्तु को अंदर लेकर जाना पूर्ण बर्जित है दर्शनार्थियों की सुबिधा के लिए मंदिर परिसर के बाहर क्लॉक रूम की सुबिधा है जहाँ पर आप अपने सामन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे मोबाइल , कैमरा इत्यादि को डिपोसिट कर सकते है ।

3. विश्राम घाट

मथुरा का विश्राम घाट के बारे में ऐसी मान्यता है की भगवान श्री कृष्ण ने अपने मामा कंश का वधः करने के बाद यमुना नदी के किनारे यही पर विश्राम लिए थे जिसकी बजह से इस स्थान को विश्राम घाट के नाम से जाना जाता है ।

यमुना के इस घाट पर शाम की आरती वंदन के समय की अध्यात्मिम दैवीय मनोरम झांकी देखना बिलकुल भी मिस न करे।

यमुना के इस घाट पर नौका बिहार पर्यटकों के बीच कभी ज्यादा लोकप्रिय है सुन्दर झांकियो से सजी नाव की बनाव और उसमे नौका बिहार मन को बहुत शांति प्रदान करता है । यकीन मानिये आपको मथुरा के दर्शनीय स्थल में यहाँ सबसे शानदार अनुभव मिलेगा ।

विश्राम घाट में शाम के समय शाम 7 बजे की भव्य संध्या आरती वंदन में जरूर शामिल हो और यहां के दैवीय वातावरण का अनोखा दृश्य देखे ।

4. वृन्दावन मथुरा

वृन्दावन मंदिरो का शहर है यहाँ कदम -कदम पर भगवान कृष्ण की लीला की निशानिया बिखरी पड़ी है तभी तो वृन्दावन में 5 हजार से भी ज्यादा टेम्पल मौजूद है जिनके अलग- अलग महत्व है ।

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यहाँ पहुंचते ही आपके मन को सुखद अनुभव मिलेगा मनो आप द्वापर युग में कृष्ण की लीला अपनी आँखों से देखकर मनमोहित हो रहे हो ।

लेकिन इसे देखने के लिए आपको वृन्दावन आना होगा ।

वृन्दावन में घूमने की जगह

  • प्रेम मंदिर– मथुरा का सबसे प्रसिद्द मंदिरो में प्रेम मंदिर में जीवंत लगने बाले मूर्तियों के दर्शन मिलेंगे जिसका सुन्दर दृश्य आप जीवन में कभी भुला नहीं पाएंगे , जब आप मथुरा घूमने आये तो वृन्दावन में प्रेम मंदिर को अवश्य विजिट करे ।
  • बांके बिहारी मंदिर- श्री कृष्ण के काले रंग प्रतिमा में बांके बिहारी के रूप में दर्शन प्राप्त होते है ।
  • इस्कॉन टेम्पल वृन्दावन– वृन्दावन का यह मंदिर काफी ज्यादा फेमस है खास तौर पर विदेशी यहाँ सबसे ज्यादा आना पसंद करते है नाच गाने के साथ काफी मनोरंजन करते है ।
  • निधिवन- यहाँ रात में आज भी गोपियों संग भगवान श्री कृष्ण महारास करने के लिए आते है निधिवन अनसुलझा रहस्य है इस वन के सभी पेड़ रात होते ही गोपियों का रूप धारण कर लेते है निधिवन का रंग महल मंदिर बंद होने के बाद यहाँ किसी को भी रुकना सकता मना है परिंदे भी नहीं रुकते जो भी यहाँ रुकता है वो कुछ ही दिन में दुनिया को अलविदा कर देता है.

और पढ़े :-वृन्दावन घूमने की पूरी जानकारी के लिए यहाँ देखे

5. गोकुल मथुरा

मथुरा से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोकुल के बारे में तो आपने कभी न कभी जरूर सुना होगा गोकुल से भगवान कृष्ण के बचपन की कई लीलाये जुडी हुयी है जिनमे से माता यशोदा को अपने मुख के अंदर पूरे भ्रह्मांड के दर्शन कराना ।

आपने महाभारत या गीता में जरूर सुना होगा की भगवान अपने बचपन में बहुत नटखट हुआ करते थे और ब्रज की गोपियों की मटकिया तोड़ दिया करते और माखन दही चुराते जिससे माता यशोदा उन्हें दण्डित करने के लिए एक बार ओखल से बांध दिया था वो सभी लीला पेड़ो के जीवन उद्दार के लिए किया गया था लेकिन उस समय माता यसोदा या नन्द गांव के लोगो को नहीं पता था ।

गोकुल में घूमने की जगह

  • श्री ऊखल बंधन आश्रम- जरा सोचिये पूरे संसार के ऐस्वर्य को धारण करने बाले प्रभु को उनकी माता ने बांध दिया ये बही जगह है ब्रज के 84 कोस का ही एक हिस्सा है मथुरा ब्रज धाम में कदम कदम पर राधा और कृष्ण की लीला के रहस्य्मयी जगह मौजूद है जिसे देखने के लिए देश विदेश के श्रद्धालु साल भर आते है ।
  • ब्रह्माण्ड घाट– यमुना नदी के इस घाट पर माता यशोदा को किशन कन्हैया ने अपने मुख में सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के दर्शन कराये थे .
  • नन्द महल गोकुल- यहाँ मौजूद महल द्वापर युग के होने का प्रमाण बताते है यही पर कृष्ण जन्म के बाद वासुदेव नन्द यशोदा के घर लेकर आये थे जो मथुरा स्थित गोकुल मे आज भी मौजूद है गोकुल मे सबसे ज्यादा पर्यटक नन्द महल में ही घूमने आते है .
  • रमन रेती- जो भी कृष्ण भक्त यहाँ आता है इस रेतीली भूमि में लेट कर पैकरमा करने से उसके सारे रोग मर्ज दूर हो जाते है कहते है श्री कृष्ण अपने बालकाल में यहाँ गाय चराने आते और इस रेतीली भूमि में सखायो संग लौटते यानि खेल खेलते थे .
  • योगमाया मंदिर – यशोदा की पुत्री यानि कृष्ण की बहन योग माया जो कंश मृत्यु की भविष्य बाणी की थी की कंश तेरा बद्ध निश्चित है तुझे मारने बाला पृथ्वी में जन्म ले चुका है . यहाँ दर्शन करने अवश्य जाये .

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6. राधा जन्म स्थली बरसाना

जन्म स्थली बरसाना Photo
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श्री कृष्ण का दिव्य अनंत प्रेम लाड़ली राधा जी की जन्म भूमि मथुरा से 50 किलोमीटर की दूरी बरसाना में है जो श्रद्धालुओं के लिए काफी ज्यादा लोकप्रिय है ।

बरसाना प्रसिद्द है राधा जन्मस्थली मंदिर , बरसाना की होली , राधा अष्ठमी और कृष्ण जन्माष्ठमी के लिए यहाँ भरी संख्या में श्रद्धालु राधा रानी के दर्शन के लिए आते है । भक्तो को राधा और कृष्ण से जुड़े प्रेम लीला के कई रहस्य्मयी स्थान मौजूद है ।

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बरसाना में घूमने की जगह

  • राधा जन्म स्थली मंदिर – यह राधा रानी की जन्म भूमि है यहाँ पर उनका जन्म पिता – बृजभानु माता – कीर्ति के घर हुआ था इस मंदिर में सुन्दर झांकियो के माध्यम राधा कृष्ण की लीलाओं को मूर्ति रूप में चित्रित किया गया है .
  • कीर्ति मंदिर – बरसाना का दूसरा सबसे प्रसिद्द धार्मिक स्थल राधा की माता कीर्ति का मंदिर है यहाँ पर भी सुन्दर जीवंत दिखने बाली मूर्तियों के रूप में वर्णन किया गया है .
  • सांकरी खोर- आज भी इस पर्वत से आती हैं दूध दही की खुशबू जहाँ श्री कृष्ण ने चंद्रावली की मटकी फोड़ी जिस जगह मटकी तोड़ी जाती थी उस पहाड़ी के शिला से आज भी दूध दही की खुशबु महसूस कर सकते है.

7. नन्द गांव

बरसाना से लगभग 9 किलोमीटर की दूर स्थित नन्द गांव में भगवान श्री कृष्ण ने यसोदा माता के आँगन में अपना बचपन बिताया था ।

कृष्ण जन्म के बाद वासुदेव उन्हें यमुना पार कर गोकुल में नन्द के घर लाये थे जहाँ पर उन्होंने लगभग 3 बर्ष तक का बालपन बिताया फिर कंश के प्रकोप की बजह से गोकुल छोड़कर सभी ब्रजबासी बरसाना के नन्द गांव में आ कर बस गए ।

नन्द गांव में श्रद्दालुओं को घूमने के लिए नन्द महल, मोती कुंड इत्यादि के दर्शन कर सकते है ।

8. गोवर्धन पर्वत

पर्वत
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गोवर्धन यानि गिरिराज पर्वत जो प्रसिद्द है हिन्दू तीर्थ यात्रा के लिए गोवर्धन पर्वत की 7 कोस परिक्रमा से सम्पूर्ण चारो धाम की यात्रा मानी जाती है

गोवर्धन भगवान श्री कृष्ण का वो लीला स्थली धाम है जहा उन्होंने इंद्र के प्रकोप से ब्रजबासियों को बचाने के लिए पूरे पर्वत को अपनी कनिष्ट ऊँगली के सहारे उठा लिया था ।

गोवर्धन वा गिरिराज पर्वत की परिक्रमा से मनुष्य को मनवांछिंत फल की प्राप्ति होती है इसीलिए साल भर सबसे ज्यादा देश विदेश से श्रद्धालु यही आते है ।

गोवर्धन में घूमने की जगह

  • दान घाटी – मथुरा स्थित गोवर्धन में यह वो दैवीय जगह है जहाँ कृष्ण अपने बाल सखायो के साथ गोपियों से दूध , दही का दान लिया करते थे ।
  • मानसी गंगा- मथुरा घूमने की जगहों में सबसे लोकप्रिय स्थान मानसी गंगा का निर्माण स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने अपनी बासुरी यानि मुरली से किया था और सम्पूर्ण तीर्थो के जल को इस सरोवर में सम्मिलित होने के लिए आग्रह किया.
  • कुशुम सरोवर-कुशुम सरोबार मथुरा के गोवर्धन में श्रद्धालुओं के बीच काफी प्रसिद्द स्थान है इसके बारे में ऐसी मान्यता है की माता राधा रानी अपनी सहेलियों से छिप कर श्री कृष्ण से यहाँ मिलने आया करती थी ।
  • राधा कुंड – इसका निर्माण स्वयं राधा रानी ने अपने कंगन से किया था .
  • पूछरी का लोटा- गोवर्धन परिक्रमा के दौरान इस मंदिर मे जाने से यह सुनिश्चित हो जाता है की आप परिक्रमा लगा रहे है . इस मंदिर में विराजमान प्रतिमा के रूप में स्वयं भगवान कन्हैया के सखा है .
  • राधा कृष्ण चरण चिन्ह– कितनी सौभाग्य की बात है जब आप साक्षात् भगवान और लक्ष्मी के चरणों को हकीकत में स्पर्श करेंगे ये जगह मथुरा के गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में स्थित है जिसके दर्शन के लिए अवश्य जाये .

गोवर्धन परिक्रमा के नियम जी जानकारी के लिए यहाँ पढ़े

9. बिरला मंदिर मथुरा

कृष्ण लीला से थोड़ा सा हटकर मथुरा के प्रसिद्द मंदिर श्री लक्ष्मी नारायण टेम्पल जो बिरला मंदिर के नाम से भी जाना जाता है इसकी सुन्दर नक्कासी इसे सबसे खास मंदिरो में से एक बनाती है । मंदिर के गर्व गृह में माता लक्ष्मी और भगवान वृष्ण सुन्दर प्रतिमा के रूप में विराजमान है ।

यहाँ घूमने के लिए शाम का समय सबसे अच्छा होता है मंदिर परिसर के बाहर लगे स्ट्रीट फ़ूड का भी स्वाद ले सकते है ।

मथुरा घूमने के लिए कितना समय लगेगा ?

दोस्तों जब भी आप Mathura Tour Plan करे तो कम से कम 3 दिन का समय निकाल कर यहाँ आये तभी आपकी पूरे ब्रज मंडल यात्रा सम्पूर्ण हो पायेगी ।

पहला दिन का प्लान – में आप मथुरा में द्वारिकाधीश मंदिर , कृष्ण जन्म भूमि , और शाम को विश्राम घाट की आरती देख सकते है ।

दुसरे दिन – सुबह के समय वृन्दावन के लिए निकल जाये जहाँ प्रेम मंदिर , बांकेबिहारी मंदिर , इस्कॉन टेम्पल और निधिवन विजिट करने के बाद अपने होटल के लिए निकल जाये ।

तीसरे दिन के प्लान में आप गोवर्धन परिक्रमा , गोकुल और राधा रानी मंदिर बरसाना विजिट करने के बाद आपकी मथुरा घूमने की यात्रा समाप्त होती है ।

वैसे तो मथुरा घूमने लिए 3 दिन भी कम पड़ जायेंगे क्योंकि यहाँ पर बहुत सी रहस्य्मयी जगह है जहाँ आपको देखने के लिए ज्यादा समय लग सकता है ।

मथुरा की होली

होली तो सम्पूर्ण भारत में मनाई जाती है लेकिन शुरुआत कान्हा की नगरी मथुरा स्थित बरसाना से होती है यहाँ की लट्ठ मार होली खेलने के लिए देश से ही नहीं बल्कि विदेशो से भी भारी संख्या में लोग आते है जिनका स्वागत ब्रज की गोपिया लट्ठ से करती है ।

जब आप मथुरा में घूमने की प्लानिंग करे तो होली के समय यहाँ आये और मथुरा की प्रसिद्द इस त्योहार को अपनी आँखों से देखे ।

मथुरा कैसे पहुंचे ?

दिल्ली से 160 किलोमीटर और आगरा से 56 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ब्रज भूमि मथुरा भारत के सभी प्रमुख शहरो से रेलवे के द्वारा जुड़ा हुआ है जहाँ लगभग देश के सभी हिस्सों से रेलगाड़ियों का प्रतिदिन आवागमन होता है ।

यदि आप हवाई यात्रा के द्वारा मथुरा घूमने के लिए जाना चाहते है तो बात दू की मथुरा में एयरपोर्ट नहीं है लेकिन दिल्ली नजदीक होने की बजह से इसकी कमी भी महसूस नहीं होती ।

मथुरा कैसे घूमे?

मथुरा घूमने के लिए आपके पास कई बिकल्प हो सकते है जिनमे से

पहला – पर्सनल ऑटो टैक्सी के माद्यम से जो किराये पर बुक करके मथुरा में घूमने की जगह को देख सकते है और खास बात की आपको गाइड भी मिल जायेगा जिसके द्वारा अच्छी तरीके से यहाँ के रहस्य को जान पाएंगे ।

दूसरा -बिकल्प है टूरिस्ट बस जो लगभग मथुरा के प्रसिद्ध जगहों को टूर प्लान में कवर करते है लेकिन इसके लिए आपको पहले ही पता कर लेना होगा की जिस बस से आप यात्रा करना चाह रहे है वो गोकुल जायेगा या नहीं क्योकि ज्यादा तर गाड़िया गोकुल को अपने टूर प्लान में कवर नहीं करते ।

लेकिन मै आपको सलाह देना चाहुगी आप पर्सनल टैक्सी के द्वारा ही मथुरा घूमने के लिए जाये ।

मथुरा की फेमस मार्केट कौन है ?

मथुरा ब्रज में सबसे प्रसिद्द बाजार हौली गेट है जहाँ यात्रियों को खाने पीने से लेकर मथुरा की प्रसिद्द दही और लस्सी और सभी प्रकार की वस्तुए खरीदने के लिए मिल जाती है ।

जब भी आप मथुरा की गलियों में घूमने के लिए जाये तो यहाँ की प्रसिद्द बाजार हौली गेट को अवश्य विजिट करे ।

FAQ मथुरा के बारे में पूछे जाने बाले प्रश्न ?

मथुरा में कौन कौन से मंदिर प्रसिद्द है?

मथुरा के प्रसिद्द मंदिर जहाँ सबसे ज्यादा श्रद्धालु आते है उनमे से- कृष्ण जन्म स्थली , प्रेम मंदिर , बांके बिहारी मंदिर , राधा जन्म स्थली मंदिर बरसाना , कीर्ति मंदिर , निधिवन वृन्दावन , नन्द महल गोकुल , और गोवर्धन पर्वत वैसे तो मथुरा में जगह- जगह हजारो मंदिर है लेकिन इनमे श्रद्धालुओं की साल भर सबसे ज्यादा भीड़ होती है ।

वृंदावन का रहस्य क्या है?

वृन्दावन का निधिवन- यहाँ रात में आज भी गोपियों संग भगवान श्री कृष्ण महारास करने के लिए आते है निधिवन अनसुलझा हुआ है मान्यता के अनुसार निधिवन में मौजूद 16108 वृक्ष जो सभी गोपियों का रूप है और यही पेड़ रात होते ही गोपियों का रूप धारण कर लेते है ये आज के विज्ञानं के लिए अनसुलझा हुआ रहस्य है .

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