बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान – घूमने की (A-Z) जानकारी

मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान जिसे बाघों के संरक्षण के लिए 1968 में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया यहां पर्यटक हाथी सफारी, जीप सफारी और घुड़सवारी का आनंद लेते हुए वन्यजीवों को बेहद करीब से देख सकते हैं।

अगर हम बांधवगढ़ के थे आज के पन्ने को पलट कर देखें तो कभी यह रीवा राजशाही के शिकार खेलने का स्थान हुआ करता था यहां दूर-दूर से अन्य देशों से राजा महाराजा बाघों का शिकार करने के लिए आते थे। और यहीं वह स्थान है जहां दुनिया का पहला सफेद शेर पाया गया था।

यहां के घने जंगलों से चरण गंगा नदी का उद्गम होता है जो इस जंगल के जीवन रेखा ।

भारत में सबसे ज्यादा सफेद शेरों वाला उद्यान बांधवगढ़ ही है आज के समय में भी यहां 120 से अधिक बाघों को देखा जा सकता है

आज का बांधवगढ़ टाइगर सफारी के लिए देश विदेश में जाना जाता है जिसके कारण भारी संख्या में टूरिस्ट मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ पर्यटन स्थल का रुख करते हैं।

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यहां बाघों के अलावा 22 प्रकार के जंगली जानवर तथा लगभग 250 प्रकार से अधिक पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं ।

बांधवगढ़ में घूमने की जानकारी से पहले इसके इतिहास के बारे में जानना आपके लिए बेहद जरूरी है-

बाधवगढ़ का इतिहास

बांधवगढ़ का इतिहास हिंदू पौराणिक ग्रंथ शिव पुराण में भी किया गया है यहां बने किला के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण भगवान श्री राम अपने भाई लक्ष्मण के लिए करवाए थे।

लगभग 437 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैले इस चैनल को भारत सरकार द्वारा 1968 में एक सुव्यवस्थित राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया।

वास्तव में बांधवगढ़ प्राचीन समय में रीवा रियासत के अंतर्गत आता था जो राजा महाराजाओं के शिकार खेलने का उपयुक्त स्थान हुआ करता था यहां देश-विदेश से महानतम लोग बाघों का शिकार करने के लिए आते थे।

यहाँ पर आखिरी शिकार रीवा के महाराजा मार्तण्ड सिंह ने सं 1954 में  किया था उसके बाद से यहाँ पर पूर्ण रूप से बाघों के शिकार पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया।

बाघों के शिकार के लिए प्रतिबंधित किए जाने का मुख्य कारण था कि जिस बाघिन का शिकार किया गया था तो वह गर्भवती थी और जब उसे राजा के समक्ष लाया गया तो उस बाघिन को देखने के बाद पूरी तरह से टूट गए। उसके बाद यहां शिकार पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया

बांधवगढ़ नेशनल पार्क कैसे पहुंचे ?

बांधवगढ़ का नजदीकी रेलवे स्टेशन 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित उमरिया रेलवे जंक्शन है तथा इसका नजदीकी हवाई अड्डा जबलपुर है जो 210 किलोमीटर दूर है।

अगर आप रोडवेज बसों से यहां तक पहुंचना चाह रहे हैं तो आप मध्य प्रदेश के किसी भी शहर से यहां तक बड़ी आसानी से बस के माध्यम से पहुंच सकते हैं।

बांधवगढ़ घूमने का सबसे अच्छा समय ?

बांधवगढ़ घूमने अब साल के किसी भी महीने में जा सकते हैं लेकिन यहां घूमने का जो पिक टाइम होता है नवंबर से लेकर अप्रैल तक होता है इस मौसम में यहां का वातावरण बहुत खुशनुमा होता है।

बांधवगढ़ टाइगर सफारी बुकिंग कैसे करें ?

बांधवगढ़ जंगल का भ्रमण करने से पहले आपको मध्य प्रदेश सरकार की mponline.gov.in ऑफिशियल वेबसाइट से टाइगर रिजर्व घूमने की ऑनलाइन बुकिंग होती है

टिकट बुक होने के बाद आप जंगल का भ्रमण करने से पहले यहां के टिकट काउंटर में अपनी टिकट चेक करवानी पड़ती है तभी आपको प्रवेश दिया जाता है।

बांधवगढ़ में घूमने तथा देखने लायक जगह

बांधवगढ़ टाइगर सफारी के अलावा यहां और भी कई घूमने फिरने के स्थान है जहां टूरिस्ट अपने बांधवगढ़ यात्रा के दौरान अवश्य जाते हैं जो इस प्रकार-

1. बांधवगढ़ का किला

रीवा उमरिया रोड पर स्थित बांधवगढ़ का किला आज से लगभग 2000 वर्ष पूर्व राजा विक्रमादित्य के द्वारा बनवाया गया था।

किले के अंदर भगवान विष्णु के सईया, मत्यवतार , नर्सिंग अवतार और राम अवतार प्राचीन खंडित प्रतिमाएं देखने को मिलते हैं जो त्रेता युग जाते हैं

2. शेष शैया

घनघोर जंगलों के बीच स्थित बांधवगढ़ के किले का मुख्य आकर्षण यहां कि शेष शैया है जहां भगवान विष्णु की 65 फीट लंबी प्रतिमा है।

इस प्रतिमा में भगवान प्रश्नों पांच फन वाले सेना के ऊपर विश्राम करते हैं और इसी स्थान से चरण गंगा नदी का उद्गम होता है।

3. बघेल संग्रहालय

प्राचीन समय में बांधवगढ़ के आखिरी शासक बघेल की प्राचीन काल की वास्तुकला को यहां पर कांच के अंदर रखा गया है जो कि उस समय में उपयोग किए जाने वाले औजार चित्रकला और अन्य दुर्लभ लेखों का संग्रह है। इसके अलावा रीवा के मार्तंड सिंह द्वारा मारा गया पहले सफेद बाघ का मरा हुआ शरीर है जो पूरे विश्व भर में पहला बाघ था।

4. पान पंथ वन जीव अभ्यारण

bandhavgarh
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बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के रास्ते पर स्थित इस अभ्यारण की स्थापना 1983 में की गई थी यहां पर कई प्रकार के प्राकृतिक वनस्पति और जीव जंतुओं की प्रजातियां देखने को मिलती हैं।

आप चाहे तो अपने बांधवगढ़ भ्रमण के दौरान इस स्थान को भी साथ में विजिट कर सकते हैं

6. बांधवगढ़ की गुफाएं

बाधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान की पहाड़ियों पर 39 ऐतिहासिक गुफाये है जो 10 वी शब्दि की मानी जाती है यहाँ की कुछ गुफाओं में ब्राह्मी लिपी में जंगली जानवरो की चित्रों को उकेरा गया है।

इन गुफाओं में से ज्यादातर गुफा प्राकृतिक है और उनके अलाबा कुछ गुफाये मानव निर्मित है । ये सभी गुफाये लगभग 5 किलोमीटर की एरिया में फैली हुयी है ।

39 गुफाओं में से एक सबसे बेहतरीन गुफा  जिसे बादी गुफा के  नाम से जाना जाता है   यह एक बिशाल चट्टान पर बनी हुई है इस गुफा का आकार कछुए के समान है तथा इसके अंदर 9 कमरे भी बने हुए हैं और सबसे खास बात की कमरों में हवादार और प्रकाश के लिए उचित व्यवस्था भी की गई है .

7. सनसेट पॉइंट बांधवगढ़

badhavgarh sunset point
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बांधवगढ़ नेशनल पार्क में शाम के समय ढलते हुए सूर्य की केसरिया रंग की रौशनी यहाँ आने बाले शैलानियों के लिए एक बेहतरीन अनुभव प्रदान करती है  । यह बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में पर्यटकों की सबसे लोकप्रिय जगह है ।

बांधवगढ़ में रुकने तथा खाने पीने की व्यवस्था क्या है ?

bandhavgarh-resort
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  • बांधवगढ़ पर्यटन स्थल में आए हुए बैठकों के लिए ठहरने के लिए तीन प्रमुख विकल्प है जिनमें से प्राइवेट होटल रिसोर्ट और कॉटेज जो कि अन्य पर्यटन स्थलों की अपेक्षा काफी सस्ते हैं।
  • यहां के रिसोर्ट में रुकना अपने आप में एक अलग ही अनुभव होता है कारण यह है कि यहां किसान जंगली जानवर आपके आसपास घूमते फिरते हुए दिख जाएंगे लेकिन बातों में वो किसी को जरा भी चोट पहुंचाते हैं बल्कि आपकी यात्रा को आधार बना देते हैं ।
  • अगर हम होटल की बात करें यहां लगभग 1000 से 15 के बीच में काफी अच्छे होटल यात्रियों को ठहरने के लिए मिल जाता ह।

बांधवगढ़ टाइगर सफारी का चार्ज ?

यहाँ की जंगली गलियारों में घूमने के लिए पर्यटक जिप्सी या फिर बाइक किराये पर लेकर बड़े ही आसानी से घूम सकते है

अगर आप बांधवगढ़ दोस्तों तथा परिवार के साथ ग्रुप में घूमने के लिए जाते हैं तो आपको एक जिप्सी बुक कर लेना चाहिए जिसकी प्राइस ₹25 निर्धारित है तथा गाइड का ₹500 अतिरिक्त चार्ज किया जाता है और इसमें 6 लोग एक साथ बैठ सकता है।

बाइक चार्ज 500 तो 1500 रूपए 2 लोग बैठ सकते है नार्मल बाइक का चार्ज जैसे स्कूटी का  500 रूपए या फिर इससे स्टैण्डर्ड बाइक का चार्ज 1500 रूपए होता है ।

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